Abdominal Chemo Increases Ovarian Cancer Survival Rate | पेट की कीमोथेरेपी से डिम्बग्रंथि के कैंसर से बचने की दर बढ़ जाती है
परिचय
एक बड़े नैदानिक परीक्षण से यह पता चला है कि कीमोथेरेपी को नस (IV) के साथ-साथ सीधे पेट (इंट्रापेरिटोनियल या IP) में देने से उन्नत डिम्बग्रंथि कैंसर से पीड़ित महिलाओं की जीवन प्रत्याशा औसतन 16 महीने बढ़ सकती है। यह अध्ययन न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुआ और इसके परिणामों ने राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI) को डॉक्टरों को इस पद्धति के उपयोग की सिफारिश करने के लिए प्रेरित किया।
डिम्बग्रंथि कैंसर की चुनौती
- डिम्बग्रंथि (Ovarian) कैंसर महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का चौथा सबसे बड़ा कारण है।
- 2005 में, इसने 22,000 से अधिक महिलाओं को प्रभावित किया और 16,000 से अधिक की जान ली।
- शुरुआती चरण में पहचान होने पर यह इलाज योग्य है, लेकिन अधिकांश मामलों में इसका पता अंडाशय से बाहर फैलने के बाद चलता है।
- यही कारण है कि देर से निदान वाले रोगियों के लिए बेहतर और प्रभावी उपचार खोजने की आवश्यकता है।
पारंपरिक और नई तकनीक
- अब तक उन्नत डिम्बग्रंथि कैंसर में सर्जरी के बाद नस के जरिए कीमोथेरेपी दी जाती रही है।
- डॉक्टरों ने एक और तरीका अपनाया — इंट्रापेरिटोनियल (IP) कीमोथेरेपी, जिसमें कैथेटर के माध्यम से कीमोथेरपी को सीधे पेट में डाला जाता है।
- 8 नैदानिक परीक्षणों में इसके लाभ दिख चुके हैं, लेकिन इसकी जटिलता के कारण यह तकनीक व्यापक रूप से लागू नहीं हो पाई है।
अध्ययन का विवरण
- प्रतिभागी: स्टेज III डिम्बग्रंथि कैंसर वाली 415 महिलाएं
- समूह विभाजन:
- केवल IV कीमोथेरेपी (210 महिलाएं)
- IV + IP कीमोथेरेपी (205 महिलाएं)
- उपचार दवाएं: सिस्प्लैटिन और पैक्लिटैक्सेल
- शर्त: सभी महिलाओं में सर्जरी के बाद 1 सेमी से बड़े ट्यूमर शेष नहीं थे।
परिणाम
- केवल IV कीमोथेरेपी लेने वाली महिलाएं औसतन 4 साल जीवित रहीं।
- IV + IP कीमोथेरेपी लेने वाली महिलाएं औसतन 5 साल जीवित रहीं।
- कैंसर के लौटने में देरी और जीवित रहने की अवधि में ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया।
- हालांकि, दुष्प्रभाव अधिक गंभीर थे:
- श्वेत रक्त कोशिकाओं की कमी
- संक्रमण
- थकान और दर्द
- कैथेटर से जुड़ी समस्याएं
- आधी से कम महिलाओं ने सभी 6 निर्धारित IP सत्र पूरे किए।
जीवन की गुणवत्ता
- उपचार के दौरान और तुरंत बाद IP समूह की जीवन गुणवत्ता में कमी देखी गई।
- लेकिन 1 वर्ष बाद, दोनों समूहों में जीवन गुणवत्ता लगभग समान हो गई।
निष्कर्ष
इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी ने डिम्बग्रंथि कैंसर के उन्नत मामलों में जीवन प्रत्याशा में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। हालांकि यह प्रक्रिया जटिल और अधिक दुष्प्रभावों वाली है, लेकिन लंबे समय में यह मरीजों को अधिक जीवनकाल का अवसर दे सकती है।
कुल मिलाकर भावना (Sentiment): सकारात्मक — क्योंकि दीर्घकालिक परिणाम मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण हैं।
सामान्य प्रश्न (FAQs)
प्र.1. इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी क्या है?
इंट्रापेरिटोनियल (IP) कीमोथेरेपी वह प्रक्रिया है जिसमें कीमोथेरपी दवा को सीधे पेट की गुहा में डाला जाता है ताकि कैंसर कोशिकाओं पर सीधा प्रभाव पड़े।
प्र.2. क्या यह हर मरीज के लिए उपयुक्त है?
नहीं। यह पद्धति केवल उन मरीजों के लिए उपयुक्त है जिनकी सर्जरी के बाद पेट में बड़े ट्यूमर शेष नहीं रहते।
प्र.3. इसके मुख्य फायदे क्या हैं?
- जीवन प्रत्याशा में औसतन 16 महीने की वृद्धि
- कैंसर के लौटने में देरी
प्र.4. इसके प्रमुख नुकसान क्या हैं?
- गंभीर दुष्प्रभाव
- जटिल प्रक्रिया
- सभी मरीज पूरे सत्र पूरा नहीं कर पाते
प्र.5. क्या लंबे समय में जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है?
शुरुआती चरण में जीवन गुणवत्ता में गिरावट हो सकती है, लेकिन लगभग एक साल बाद यह सामान्य स्तर पर लौट आती है।